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Bihar News: नए बिजली कनेक्शन की दरें लागू, निर्माण श्रमिकों को ₹5 में भोजन और सस्ता आवास

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Alam Ki Khabar: बिहार में नए बिजली कनेक्शन की संशोधित शुल्क दरें लागू हो गई हैं। साथ ही 42 लाख से अधिक पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को ₹5 में पौष्टिक भोजन और रियायती आवास उपलब्ध कराने की तैयारी तेज हो गई है।

30 जुलाई। आलम की खबर:बिहार सरकार ने आम उपभोक्ताओं और निर्माण श्रमिकों के लिए दो महत्वपूर्ण फैसलों को अमल में लाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। राज्य में नए बिजली कनेक्शन के लिए संशोधित सर्विस कनेक्शन शुल्क लागू कर दिया गया है, वहीं पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को ₹5 में पौष्टिक भोजन और रियायती दर पर अस्थायी आवास उपलब्ध कराने की तैयारी भी अंतिम चरण में है।

बिहार विद्युत विनियामक आयोग की मंजूरी मिलने के बाद बिजली वितरण कंपनियों ने नए कनेक्शनों के लिए संशोधित शुल्क अधिसूचित कर दिया है। यह नई व्यवस्था 150 किलोवाट तक के नए बिजली कनेक्शनों पर लागू होगी। बिजली कंपनियों का कहना है कि अब सभी नए कनेक्शन निर्धारित नई दरों के अनुसार ही जारी किए जाएंगे।

नई व्यवस्था के तहत 3 किलोवाट तक के घरेलू सिंगल फेज बिजली कनेक्शन के लिए उपभोक्ताओं को ₹900 का सर्विस कनेक्शन शुल्क देना होगा। यदि लोड 3 किलोवाट से अधिक होगा तो ₹2,700 के साथ प्रत्येक अतिरिक्त किलोवाट पर ₹1,000 अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा।

लो टेंशन थ्री फेज श्रेणी में 5 किलोवाट तक के कनेक्शन के लिए ₹4,500 शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त किलोवाट पर ₹1,500 की दर से शुल्क लिया जाएगा। वहीं 20 किलोवाट तक के थ्री फेज कनेक्शन के लिए ₹21,000 शुल्क तय किया गया है और इसके ऊपर प्रत्येक अतिरिक्त किलोवाट पर ₹2,000 अतिरिक्त देना होगा।

दूसरी ओर राज्य सरकार ने निर्माण श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया है। बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड ने 'भोजशाला योजना' और 'श्रमिक अतिथिशाला योजना' के संचालन के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार अगले दो से तीन महीनों के भीतर इन योजनाओं का लाभ श्रमिकों को मिलने की उम्मीद है।

भोजशाला योजना के तहत राज्य के 42 लाख से अधिक पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को केवल ₹5 में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का उद्देश्य निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिकों को कम खर्च में बेहतर भोजन उपलब्ध कराना है, जिससे उनके दैनिक जीवन पर आर्थिक बोझ कम हो सके।

इसके साथ ही रोजगार के लिए शहरों में आने वाले श्रमिकों और दूसरे राज्यों से लौटने वाले बिहार के कामगारों के लिए श्रमिक अतिथिशालाएं भी शुरू की जाएंगी। पहले चरण में पटना के पाटलिपुत्र इंडस्ट्रियल एरिया, पाटलिपुत्र स्टेशन, बैरिया जीरोमाइल, आईएसबीटी, दानापुर जंक्शन, सगुना मोड़, बिहटा कॉरिडोर, नौबतपुर और दीदारगंज सहित नौ स्थानों पर यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

अतिथिशालाओं में महिला और पुरुष श्रमिकों के लिए अलग-अलग डॉरमेट्री बनाई जाएगी। महिलाओं के लिए 50 तथा पुरुषों के लिए 100 बेड की व्यवस्था होगी। सामान्य परिस्थितियों में श्रमिक यहां 7 से 10 दिनों तक ठहर सकेंगे। बाद में इस योजना का विस्तार राज्य के अन्य जिलों में भी किया जाएगा।

श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग का कहना है कि इन योजनाओं का उद्देश्य श्रमिकों को सम्मानजनक जीवन, सुरक्षित आवास, पौष्टिक भोजन और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। वहीं बिजली कनेक्शन शुल्क की नई व्यवस्था से उपभोक्ताओं को शुल्क संरचना पहले से अधिक स्पष्ट और पारदर्शी मिलेगी।

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विशेष टिप्पणी

सरकार के ये दोनों फैसले अलग-अलग वर्गों को राहत देने वाले हैं। जहां नए बिजली कनेक्शन की स्पष्ट शुल्क व्यवस्था से उपभोक्ताओं को पारदर्शिता मिलेगी, वहीं ₹5 में भोजन और अस्थायी आवास जैसी योजनाएं लाखों निर्माण श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। अब सबसे बड़ी चुनौती इन योजनाओं का समय पर और प्रभावी क्रियान्वयन होगी।

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